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सचिन और सारा की प्रेम कहानी का अंत, क्या चुनाव में तलाक से होगा नुकसान, मुस्लिम फैक्टर जानिए

जयपुर. पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के व्यक्तिगत जीवन से जुडा महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। ये भी उस समय सामने आया जब पायलट ने विधानसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। दरअसल पायलट ने मंगलवार को टोंक विधानसभा से अपना नामांकन दाखिल किया है। इसको लेकर पूरे देश की मीडिया की नजर बनी हुई थी। इस बीच पायलट के चुनावी एफीडेविट में उनकी पत्नी सारा से तलाक होने की बात सामने आ गई। इसके बाद प्रदेश की सियासत में जोरदार हलचल मची हुई है। राजस्थान की सियासत भी इस बात को लेकर स्तब्ध है कि सचिन और उनकी पत्नी सारा के बीच कब तलाक हुआ? आखिर पायलट ने अपने तलाक होने की बात को क्यों सार्वजनिक नहीं किया? इस मसले को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इधर एक बड़ा सवाल सामने आ गया है कि चुनाव के पहले सचिन पायलट के तलाक की बात सामने आने के बाद क्या उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ेगा?

चुनावी एफीडेविट से खुलासा, मच गया हड़कंप
पायलट के नामांकन को लेकर देश की मीडिया की नजरे उन पर टिकी थी। इस दौरान लगभग सभी नेशनल और प्रादेशिक न्यूज़ चैनलों ने पायलट की नामांकन रैली और उनके नामांकन भरने को लेकर लाइव कवरेज किया। इस बीच जब पायलट ने नामांकन के लिए एफीडेविट पेश किया तो, मीडिया हैरान रह गई। इसमें उन्होंने सारा के साथ तलाक होने की बात स्वीकार की। नामांकन में पत्नी के नाम वाले कॉलम के आगे तलाकशुदा लिखे जाने के बाद मीडिया में यह खबर तेजी से फैल गई। इस खबर के सामने आते ही सियासत में जमकर हलचल में मच गई।

क्या तलाक होने से पायलट को होगा नुकसान ?
चुनाव से पहले नामांकन के दौरान पायलट के तलाकशुदा होने की बात सामने आने के बाद सियासी गलियारों में हलचल है। इस बात को लेकर सवाल उठ रहे है कि क्या पायलट के तलाक की खबर के बाद पायलट की चुनाव समीकरणों में प्रभाव देखने को मिलेगा। इसको लेकर राजनीतिक जानकार अपने-अपने मायने निकाल रहे हैं। पायलट की पत्नी सारा जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला की बेटी है। इसके चलते पायलट को शुरू से ही मुस्लिम समाज का सपोर्ट मिलता रहा है। इसका उदाहरण 2018 के टोंक विधानसभा चुनाव में देखने को मिला। पायलट जिस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहां करीब 60 हजार मुस्लिम समाज के वोट हैं। ऐसे में कयास है कि सारा से तलाक के बाद टोंक में अब पायलट के चुनावी समीकरणों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

हजारों समर्थकों की मौजूदगी में पायलट ने भरा नामांकन
सचिन पायलट ने मंगलवार को केकड़ी विधायक रघु शर्मा, देवली विधायक हरिश चन्द्र मीणा, राकेश पारीक, खिलाड़ी लाल बैरवा, प्रशांत बैरवा के साथ हजारों प्रशंसकों की मौजूदगी में टोंक विधानसभा से अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान पायलट का उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। पायलट ने पिछली बार बीजेपी की तरफ से पूर्व मंत्री यूनुस खान को 54,179 वोटो से हराया था। हालांकि भाजपा ने अभी तक टोंक विधानसभा से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।

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