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कौन हैं सुरेंद्र पाल टीटी, जिन्हें भाजपा ने बिना विधायक बने ही  बना दिया मंत्री, अब सूबे की सियासत में आया उबाल, भड़क गई कांग्रेस

जयपुर. Rajasthan politics:  राजस्थान में शनिवार को बीजेपी के मंत्रिमंडल का 27 दिन बाद गठिन हो गया। मंत्रिमंडल गठित होते ही कांग्रेस ने विरोध में उतर आई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश में पहला ऐसा मौका देखने को मिला जब कोई प्रत्याशी चुनाव लड़ने से पहले राज्य मंत्री बन गया। बीजेपी ने शनिवार को श्रीकरणपुर विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को राज्य मंत्री के तौर पर शपथ दिलाई है। श्रीकरणपुर विधानसभा में 5 जनवरी को मतदान होंगे, लेकिन चुनाव परिणाम आने से पहले ही भाजपा ने उन्हें मंत्री पद की सौगात दी है। माना जा रहा है कि टीटी को मंत्री बनाकर बीजेपी ने करणपुर से अपनी जीत को सुनिश्चित करने की कोशिश की है। अब राजस्थान ही नहीं पूरे देश में यह चर्चा है कि आखिर कौन हैं ये भाजपा के दिग्गज जिन्हें चुनाव लड़ने से पहले ही मंत्री पद सौंप दिया गया।

कौन हैं सुरेंद्र पाल सिंह टीटी ?

राजस्थान की करणपुर विधानसभा से 5 जनवरी को होने वाले मतदान के लिए सुरेंद्र पाल सिंह टीटी चुनावी मैदान में है। सुरेंद्र पाल सिंह टीटी बीजेपी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में शामिल हैं। वह 1994 में कैबिनेट रैंक के साथ राजस्थान वेयरहाउसिंग के अध्यक्ष रहे। भजन लाल शर्मा सरकार में राज्‍यमंत्री बनने से पहले वसुंधरा राजे सिंधिया सरकार में कृषि मंत्री (2003-2008) रहे। इसके बाद खान और पेट्रोलियम मंत्री (2013-2018) के रूप में कार्य किया। इसके बाद अब भजन सरकार में उन्हें चुनाव जीतने से पहले ही ताज पहना दिया है। जिसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश के इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी उम्मीदवार को चुनाव जीतने से पहले राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई है।

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बीजेपी के मास्टर स्ट्रोक से कांग्रेस की बढ़ी मुसीबतें

बीजेपी ने करणपुर विधानसभा के चुनाव परिणाम से सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को राज्य मंत्री बनाया है। पार्टी के इस दांव से अब कांग्रेस के लिए मुसीबतें बढ़ गई है। 5 जनवरी को होने वाले मतदान के लिए टीटी के सामने कांग्रेस की तरफ से रुपिंदर सिंह कुन्नर उम्मीदवार है। रुपिंदर सिंह कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी गुरमीत सिंह कुन्नर के बेटे हैं। हाल ही में चुनाव से पहले गुरमीत सिंह की मृत्यु हो गई थी। जिसके कारण करणपुर के चुनाव स्थगित हो गए और 25 नवंबर को 199 विधानसभा सीटों के लिए ही मतदान हुआ। अब 5 जनवरी को इस विधानसभा सीट के लिए मतदान होने हैं। इधर, सुरेंद्र पाल सिंह टीटी के मंत्री बनाए जाने के बाद कांग्रेस के मुसीबतें बढ़ गई है। कांग्रेस के नेता इसका विरोध करने पर उतर आए हैं।

जरूरत पड़ी तो उच्च न्यायालय की भी शरण लेंगे : डोटासरा

भजनलाल मंत्री मंडल में भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को मंत्री पद की शपथ दिलाए जाने पर कांग्रेस ने एतराज जताया है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को मंत्री बनाकर भाजपा ने चुनाव की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया है, जिसे कांग्रेस कामयाब नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रत्याशी को मंत्री बनाए जाने पर कांग्रेस चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराएगी। जरूरत पड़ी तो उच्च न्यायालय की भी शरण लेंगे। डोटासरा ने कहा कि मतदान को प्रभावित करने के लिए जानबूझकर सुरेंद्र पाल टीटी को राज्यमंत्री की शपथ दिलाई गई। चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने यह हथकंडा अपनाया है जो संविधान का उल्लंघन है। पराकाष्ठा है। वहीं सयंम लोढ़ा ने भी इसे अचार संहिता का उलंघन बताया।

गहलोत भी विधायक बनने से पहले बने थे सीएम

आपको बता दें कि राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वर्ष 1998 में विधायक बनने से पहले ही मुख्यमंत्री बने थे। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद गहलोत ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद जोधपुर की सरदारपुरा सीट से कांग्रेस के तत्कालीन विधायक मानसिंह देवड़ा ने गहलोत के लिए सीट खाली करते हुए इस्तीफा दिया था। फिर गहलोत सरदारपुरा से विधायक बनें। इसके बाद से लगातार वह सरदारपुरा से ही चुनाव लड़ते आ रहे हैं।

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Author: indianews24

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