India News24

indianews24
Search
Close this search box.

Follow Us:

Corona Returns: पिछले 24 घंटे में आए 335 नए केस, 5 की मौत, सरकार ने जारी की एडवाइजरी, एक्टिव केस 1700 पार

नई दिल्ली. कोरोना ने भारत से लेकर सिंगापुर तक फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। इसके मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। 24 घंटे में कोरोना के 335 नए मामलों के कारण सरकार की चिंता बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश और केरल में पिछले 24 घंटों में कोरोना से पांच लोगों की मौत की जानकारी भी सामने आ रही है। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट जेएन-1 की केरल में दस्तक के साथ ही देश के सभी राज्यों ने अपने यहां स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा बढ़ा दी है। कोरोना का अब तक का सबसे घातक वेरिएंट केरल में डिटेक्ट हुआ है। इससे तुरंत सबक लेते हुए कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने एडवाइजरी जारी कर दी है। राज्य के हेल्थ मिनिस्टर दिनेश राव ने सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए मास्क पहनने की सलाह जारी की है।

मॉक ड्रिल करने का आदेश जारी

कर्नाटक के पड़ोसी राज्य केरल में कई लोगों के नए और घातक जेएन.1 वैरिएंट से संक्रमित होने के बाद यहां कोविड-19 महामारी की आशंका फिर से उभर आई है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा बुनियादी ढांचे की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों में मॉक ड्रिल आयोजित करने का आदेश दे दिया है।

हेल्थ बुलेटिन में क्या कहा…

सोमवार को अपने हेल्थ बुलेटिन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि रविवार को देश में कोरोना के 335 नए केस सामने आए हैं। इस वायरस से यूपी में एक और केरल में चार लोगों की मौत हुई। ताजा डेटा के मुताबिक कोरोना के एक्टिव केस देश में 1700 से ज्यादा हो गए हैं। यह आंकड़ा कहीं न कहीं चिंताजनक है।

तीन लाख मेडिकल किट का आर्डर दिया

सरकार ने केरल से कर्नाटक के सीमावर्ती जिलों में लोगों की आवाजाही की निगरानी पर भी चिंता जताई है। स्वास्थ्य विभाग ने तीन लाख मेडिकल किट का ऑर्डर दिया है और राज्य में, विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों और राज्य की राजधानी बेंगलुरु में रैपिड एंटीजन परीक्षणों (आरएटी) की संख्या में वृद्धि की है। मॉक ड्रिल का आयोजन महामारी की स्थिति में बिस्तरों, कर्मचारियों, डॉक्टरों, ऑक्सीजन संयंत्रों के समुचित कार्य के साथ-साथ जरूरी दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।

जिला आयुक्तों ने बैठक की

इस बीच, मैसूरु, चामराजनगर और केरल की सीमा से लगे दक्षिण कन्नड़ और उडुपी के तटीय जिलों के जिला आयुक्तों ने इस स्थिति से निपटने के लिए बैठकें की हैं। दक्षिण कन्नड़ जिले के मंगलुरु शहर में हर दिन हजारों छात्र, व्यापारी और अन्‍य लोग आते हैं। कर्नाटक के तटीय क्षेत्र में राजमार्गों के अलावा 20 से अधिक प्रवेश बिंदु हैं, और लक्षण वाले व्यक्तियों की निगरानी की अनुपस्थिति के बारे में चिंता जताई गई है।

indianews24
Author: indianews24

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *