India News24

indianews24
Search
Close this search box.

Follow Us:

महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को दुबई में कर दिया नजरबंद, जल्दी लाया जाएगा भारत

नई दिल्ली. Mahadev app scam: महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को जल्द ही भारत लाने की तैयारी की जा रही है। दुबई में नजरबंद सौरभ को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। 15 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा का घोटाला माना जा रहा है।

महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप (Mahadev app case) के बारे में यह कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में इसके चलते ही कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में मात खानी पड़ी। इस ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के बारे में यह खबर सामने आ रही है कि उसे दुबई में नजरबंद किया हुआ है और भारत सरकार उसे देश लाना चाह रही है। उसे दुबई से दिल्ली लाने का रास्ता भी साफ हो गया है। प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध पर सौरभ के खिलाफ रेड कॉर्नर जारी किया गया। अब रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात ने उसके खिलाफ एक्शन लिया है और उसे दुबई में नजरबंद किया है।

घर के बाहर लगाया ताला

सौरभ चंद्राकार को दुबई में जिस घर में नजरबंद किया है, वहां बाहर से ताला लगा दिया है। यह माना जा रहा था कि सौरभ चकमा देकर कभी भी कहीं और भाग सकता था। भारत सरकार के अनुरोध पर उस पर यूएई के अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए थे। अब यह माना जा रहा है कि जल्द ही उसके भारत को प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

ये भी पढ़ें: सिर्फ बस 5 दिन शेष! 1 जनवरी से बदल जाएंगे ये 5 नियम, आज ही निपटा लें ये काम, वरना आपका मोबाईल डिब्बा बनकर रह जायेगा

क्या है महादेव ऐप घोटाला?

एक सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश बैंकर के कई बार शिकायत करने के बाद 6 नवंबर 2023 को मुंबई मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने पुलिस को इस मामले की जांच का आदेश दिया था। प्रकाश ने आरोप लगाते हुए कहा कि 2019 से ऐप के जरिए 15,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में महाराष्ट्र जुआ रोकथाम और आईपीसी के तहत दर्ज एफआईआर की थी। उनकी शिकायत के अनुसार इस सिंडिकेट ने क्रिकेट मैचों में हेरफेर करने की कोशिश की है। इस हेरफेर के कारण सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगियों की कमाई हर रोज करोड़ों में होती थी। इस कारोबार के जरिए हर माह 90 करोड़ की कमाई का दावा किया था।

कॉल सेंटर के जरिए चलता था कारोबार

महादेव ऐप का कारोबार भारत के छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के बड़े शहरों में चल रहा था। इस ऐप के करीब 30 कॉल सेंटर खोले गए थे। पूरे भारत में इसके करीब 1200 ब्रांच होने के दावे किए जा रहे हैं। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के दो बेहद करीबी अनिल दम्मानी और सुनील दम्मानी की मदद से हिंदुस्तान में ऐप का कारोबार चलाया जा रहा था। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल हर ब्रांच को फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे। रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर का दाहिना हाथ था और इस काम में उसका पार्टनर भी था। इस घोटाले के उजागर होते ही बॉलीवुड की कई हस्तियों और कई सेलिब्रेटी का नाम सामने आया था। जिससे वॉलीवुड में में भी हलचल मची हुई है।

indianews24
Author: indianews24

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *